• Apr 09, 2026
  • NPN Log

    एक अध्ययन से पता चला है कि हर दिन अलग-अलग समय पर सोने जाने से शरीर की जैविक घड़ी (circadian rhythm) बिगड़ जाती है, जिसका ब्लड प्रेशर और हार्मोन के स्तर पर बुरा असर पड़ता है। 3,000 लोगों पर किए गए एक अध्ययन का निष्कर्ष यह निकला कि, इसके परिणामस्वरूप, दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें चेतावनी दी गई है कि यह खतरा उन लोगों में ज़्यादा होता है जो 7 से 8 घंटे से कम सोते हैं। इस स्टडी से यह साफ़ हुआ है कि दिल की सेहत को बेहतर तरीके से तब बचाया जा सकता है, जब कोई सुबह उठने का एक जैसा समय रखने के बजाय, रात को सोने का एक जैसा समय बनाए रखे।

    You Might Also Like

    Comments

    Leave A Comment

    Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

    Featured News

    Advertisement