• Apr 17, 2026
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    *प्राण शक्ति* (जीवन की मुख्य ऊर्जा) से जुड़ी सकारात्मक तरंगें मंदिर परिसर के भीतर लगातार फैलती रहती हैं। केवल कुछ ही चीज़ें इन तरंगों को सोखने में सक्षम होती हैं—और *कुमकुम* (सिंदूर) ऐसी ही एक चीज़ है। यह मंदिर के वातावरण में घूम रही हवा में मौजूद *प्राण शक्ति* को सोख लेता है और उसे हमारे शरीर में पहुँचाता है। नतीजतन, ऐसा माना जाता है कि हमारे शरीर के भीतर ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। संक्षेप में कहें तो, *कुमकुम* मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा को सीधे हमारे भीतर पहुँचाने का काम करता है। इसी कारण से, जब भी कोई मंदिर जाता है, तो *कुमकुम* लगाना फायदेमंद माना जाता है।

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