• Jan 15, 2026
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    गुंटूर: 'भाषा सिर्फ भावनाओं को दिखाने का ज़रिया नहीं है। इसमें दुनिया बनाने की ताकत है। हम दो बंधनों के साथ पैदा होते हैं। एक है मां का बंधन... दूसरा है भाषा का बंधन,' सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस पामदिघंटम श्री नरसिम्हा ने कहा। वे शनिवार को गुंटूर में शुरू हुई तेलुगु महासभा में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए। जस्टिस श्री नरसिम्हा ने आंध्र सरस्वती परिषद के प्रेसिडेंट केसिराजू श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुए उद्घाटन सेशन में मातृभाषा के महत्व को समझाया। ‘उन्होंने संविधान में तीन ज़रूरी बातों के बारे में बात की।’ 

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